अब इसे पढ़ें, अपनी लिपि में (Now Read In Your Own Script)

Roman(Eng) Gujarati Bangla Oriya Gurmukhi Telugu Tamil Kannada Malayalam

Wednesday, May 7, 2008

जानें Windows की सामान्य परेशानियों को.....

आजकल विश्व के अधिकांश कम्प्यूटर्स में ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में विण्डोज़ का प्रयोग हो रहा है, किन्तु बहुत यूज़र फ्रेन्डली होने के साथ ही यह एक नाजुक सॉफ्टवेयर है तथा आदर्श परिस्थितियाँ न होने पर बहुत जल्द क्रैश हो जाता है। यदि आप भी अपने कम्प्यूटर में विण्डोज़ के बार-बार क्रैश होने से परेशान हैं तो नीचे दी गई टिप्स को आजमा कर देखें।
1. यदि कोई प्रोग्राम या फॉन्ट आदि ठीक से काम नहीं कर रहा है तो रीबूट करें। अधिकांश एरर अस्थायी होते हैं व कई भिन्न प्रकार के प्रोग्राम्स के एक साथ रन होने से आ सकते हैं। रीबूट करने पर प्रोग्राम्स के दोबारा लोड होने से ये ठीक हो सकते हैं।
2. यदि आपकी समस्या किसी विशेष सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने के बाद आरंभ हुई है तो उसे अनइंस्टॉल करके देखें।
3. विण्डोज़ की सभी सिस्टम फाइल्स मौजूद हैं या नहीं- जानने के लिए सिस्टम फाइल चेकर का प्रयोग करें। यह उन फाइल्स को पुनः अपने स्थान पर पहुँचा देगा जो मौजूद नहीं हैं या करप्ट हो गई हैं।
4. यदि आपने अपना माउस बदला है, नया साउण्ड कार्ड या कोई अन्य हार्डवेयर इंस्टॉल किया है तो उसे हटाकर देखें। अपने विक्रेता या हार्डवेयर निर्माता की वेबसाइट से उसके लिए सबसे उपयुक्त सॉफ्टवेयर (ड्राइवर) प्राप्त करें। विक्रेता से मालूम करें कि क्या नया हार्डवेयर आपके पुराने हार्डवेयर के साथ कंपेटिबल है?
5. खराब मैमोरी विण्डोज़ के क्रैश होने का सबसे प्रमुख कारण है। यदि आपको पेज फॉल्ट, इल्लीगल ऑपरेशन या फेटल एक्सेप्शन आदि संदेश मिल रहे हैं तो रैम को चैक कराएँ। नई मैमोरी मॉड्यूल लगाने के बाद ऐसे संदेश मिलने का अर्थ यह हो सकता है कि आपकी रैम मॉड्यूल खराब हो या कंपेटिबल न हो।
6. कम्प्यूटर के चलते-चलते रुक जाने या ठीक काम नहीं करने पर स्कैन डिस्क, फिर डिस्क क्लीन-अप व फिर डीफ्रैग अवश्य करें।
7. अपनी हार्ड डिस्क का काफी हिस्सा खाली रखें। याद रखें, विण्डोज़ को चलते समय स्वैप फाइल्स या टैम्परेरी फाइल्स बनाने के लिए काफी स्थान की आवश्यकता होती है। यदि आपकी हार्ड डिस्क में जगह कम है तो कई प्रकार के फॉल्ट पैदा हो सकते हैं, सिस्टम हैंग हो सकता है या विण्डोज़ क्रैश हो सकता है।
8. अपनी हार्ड डिस्क को नियमित रूप से वायरस के लिए स्कैन करें। फाइल्स के संक्रमित होने पर एक वायरस रहित फ्लॉपी या विण्डोज़ की सीडी से बूट करें और पुनः विण्डोज़ इंस्टॉल करें।
9. यदि आपके नए कम्प्यूटर में विण्डोज़ बार-बार क्रैश होता है तो विक्रेता को मदरबोर्ड व अन्य भागों की कंपेटिबिलिटी चैक करने को कहें। हो सकता है इनमें से कुछ विण्डोज़ या खासकर विण्डोज़ के आपके वर्जन के साथ काम करने योग्य नहीं हों।
10. डिवाइस फेल होने संबंधी एरर आने पर 'स्टार्टिंग विण्डोज़...' आने पर एफ8 दबाकर विण्डोज़ को सेफ मोड में स्टार्ट करें। स्टार्ट। सेटिंग्स। कंट्रोल पैनल। सिस्टम में डिवाइस मैनेजर को सिलेक्ट कर उसमें यह देखें कि उस सूची में कोई डुप्लीकेट डिवाइस न हो। यदि ऐसा हो तो डिवाइस को हटाकर रीबूट करें।

Wednesday, April 30, 2008

सैमसंग का डूएल मोड फोन

सैमसंग के उपभोक्ताओं के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। सैमसंग टेली कम्युनिकेशन्स इंडिया ने हाल ही में सीडीएमए व जीएसएम सुविधा वाला डूएल हैंडसेट भारत में भी लांच किया है। सैमसंग '2 ऑन' में आप एक ही सेट में जीएसएम और सीडीएमए सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। इसकी सीडीएमए सुविधा के अंतर्गत टाटा इंडिकॉम के साथ रिलायंस कम्युनिकेशन्स, दोनों ही सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। इस फोन में 2.3 इंच टीएफटी टच स्क्रीन, 2 मेगापिक्सेल कैमरा, 1 जीबी से अधिक क्षमता वाले माइक्रो एसडी कार्ड और एमपी3/एएसी+ प्लेयर की सुविधा उपलब्ध है। इतना ही नहीं, इसके सेट को मॉडेम के रूप में भी 153 केबीपीएस कनेक्टिविटी के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है। बाजार में इस फोन की अनुमानित कीमत 16,500 रुपए है।

Monday, April 28, 2008

मोबाइल वैल्यू एडेड सर्विसेज - M वैस

वर्तमान में मोबाइल फोन न सिर्फ संचार का एक साधन है बल्कि इनका विस्तार हमारे व्यक्तित्व का एक हिस्सा बन चुका है। वर्तमान में हम मोबाइल को न सिर्फ एक-दूसरे का हाल जानने के लिए बल्कि एक-दूसरे की भावनाएँ, संवेदनाएँ और विचारों को व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम मानते हैं। दिनोंदिन मोबाइल उपभोक्ताओं की अपेक्षाएँ मोबाइल उद्योग से बढ़ती ही जा रही हैं। इतना ही नहीं, वर्तमान में मोबाइल सर्विसेज के चयन के पैमाने भी काफी बदल गए हैं। उपभोक्ता मोबाइल सेवाओं को उसकी वैल्यू एडेड सेवाओं के आधार पर चयन करने में अधिक रुचि दिखाने लगे हैं।
क्या है वैस?
मोबाइल वैल्यू एडेड सर्विसेज (वैस) वे सेवाएँ हैं जो मूल रूप से वॉयस ऑफर का भाग न होकर उपभोक्ता को अलग से प्रदान की जाती है। इन अतिरिक्त सेवाओं के जरिए मोबाइल ऑपरेटरों के लिए आय का दूसरा विकल्प भी तैयार हो जाता है। इन सेवाओं का स्वाभाव समय के साथ-साथ बदलता रहता है।
वैस की भूमिका
वर्तमान में मोबाइल सेवाओं के उद्योग में वैस की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान में ऑपरेटरों के बीच कॉल रेट्स को कम करने की गलाकाट प्रतियोगिता है। ऐसे में वैल्यु एडेड सेवाएँ ऑपरेटरों की आय को बढ़ाने का बेहतर विकल्प हैं। वहीं भारत में वैस को मिल रहा प्रोत्साहन टेलीकॉम उद्योग को नई दिशा प्रदान कर रहा है। वैस द्वारा मोबाइल सेवाएँ उपभोक्ताओं को कम कॉल रेट्स के साथ-साथ विभिन्न लुभावनी सेवाओं को प्रदान करती हैं। इनमें मुख्य रूप से भारतीय ग्राहकों को जैसे - बॉलीवुड रिंगटोन्स, वॉलपेपर्स, कॉलर टोन्स आदि शामिल हैं। साथ ही वर्तमान में टीवी व रेडियो जैसे संचार साधनों के साथ मिलकर भी इन सुविधाओं को एक नया रूप मिल चुका है, जिसके अंतर्गत रिएलिटी शो व अन्य कार्यक्रमों में उपभोक्ता एसएमएस सुविधा के तहत भाग लेते हैं। इससे जहाँ टीवी कार्यक्रमों की लोकप्रियता बढ़ती है, वहीं मोबाइल ऑपरेटरों को भी बहुत लाभ होता है।
वैस का स्वरूप
मोबाइल सेवाओं के बाजार में वैस विभिन्न रूपों में उपभोक्ताओं का आकर्षण बनी हुई है। जहाँ मनोरंजन की दृष्टि से कंपनियाँ चुटकुले, बॉलीवुड रिंगटोन्स और गेम्स जैसी सुविधाएँ प्रदान करती हैं, वहीं दूसरी ओर वैस के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की जानकारियाँ (मूवी टिकट, क्रिकेट स्कोर, समाचार, बैंकिंग आदि) भी प्रदान की जाती है। इतना ही नहीं, वर्तमान में इसके बढ़ते प्रसार का आलम यह है कि आप घर बैठे अपने मोबाइल से रेलवे टिकट तक खरीद सकते हैं। इसके सभी स्वरूप वर्तमान पीढ़ी के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।